व्यापार में होने वाले FRAUD ( धांधली ) के प्रकार(Type Of Fraud in business)

आम जीवन की तरह ही व्यापार में भी कई तरह के FRAUD होते है , इसमें ज्यादातर जानबूझ कर व् कुछ अनजाने में किये जाते है। आइये जानते है कि कंपनी का किया हुआ कौन सा कार्य धोखा धड़ी के कार्य के अंतर्गत आता है -

कम्पनियो में फ्रॉड कई प्रकार से होते है इसमें कुछ तो अपने DATA में गलत तथ्यों को शामिल कर के किये जाते है या उस संस्था के संपत्ति का दुरूपयोग के रूप में भी किया जाता है।  इसप्रकार कई कार्य ऐसे होते है की व्यवसाय के मालिक को भी पता नहीं चल पाता है , यह कहा जा  सकता है कि कपटपूर्ण मंतत्व से किया हुआ कार्य FRAUD के श्रेणी में आते है। इसके द्वारा व्यवसाई किसी तीसरे व्यकित को ( THIRD PARTY) को व्यक्ति गत लाभ या हानि या किसी संगठन को वित्तीय लाभ या हानि पहुँचाना शामिल हो सकता है। 

  1. व्यक्तिगत लाभ के लिए धोखाधड़ी

इसके अंतर्गत निम्न तरीके के फ्रॉड शामिल किये जाते है - 
  • रिश्वत लेना व् रिश्वत देना-    -   अवैध या बेईमान कार्रवाई या पक्ष में निर्णय लेने के लिए धन, उपहार या अन्य उपकार की पेशकश कीया जाना FRAUD माना जाता है , इसके साबित होने पर दंडात्मक कारवाही की जाती है। 
  • कोई भी निर्णय अपने व्यक्तिगत रूचि से प्रभावित होकर लेनाएक व्यवसाय में एकल व्यवसाई आमतौर पर  सारे निर्णय अपने व्यकितगत रूचि से प्रभावीत होकर लेता है जो की गलत नहीं है , परन्तु जब आपका कारोबार साझा कारोबार या प्राइवेट लिमिटेड कंपनी या लिमिटेड कंपनी के रूप में हो तो यहाँ सारे निर्णय आपसी सहमति से लिए जाते है , यहाँ जब आप किसी सरकारी अधिकारी के रूप में कोई निर्णय अपने व्यक्तिगत रूचि से प्रभावित होकर लेते है तब  निर्णय FRAUD के अंतर्गत आते है। ऐसी परिस्थितियाँ जिनमें अधिकारी भरोसे की स्थिति में होते हैं और अपने कर्तव्यों के निर्वहन में एक प्रतिस्पर्धी पेशेवर या व्यक्तिगत हितों के टकराव का सामना करते हैं। तब वह इस तरह के निर्णय लेते है। 


2  कॉर्पोरेट धोखाधड़ी/अनियमितताएं-

इसके अंतर्गत निम्न तरीके के फ्रॉड शामिल किये जाते है - 

  • अग्रिम बिलिंग (Advance Billing)-  ऐसी स्थिति जहां कंपनी के अधिकारी वास्तविक बिक्री की प्रत्याशा में फर्जी बिक्री की बुकिंग में लिप्त हो जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप बहीखातों में राजस्व की गलत प्रस्तुति होती है जिससे वित्तपोषक और हितधारकों को गुमराह किया जाता है।  
  • शेल/डमी कंपनी- इस तरह के कंपनी का निर्माण का उद्देस्य ही कंपनी के डाटा को गुमराह करके प्रदर्शित करना है। एक शेल या डमी कंपनी मुख्य कंपनी से लाभ या धन हस्तांतरित करने के लिए एक काल्पनिक कंपनी या एक 'कागजी कंपनी' का प्रतिनिधित्व करती है। इसमें फर्जी बिल शामिल हो सकते हैं (ज्यादातर प्रदान की गई सेवाओं या परामर्श शुल्कों के लिए जिनकी पुष्टि नहीं की जा सकती) जिनका उपयोग नकली कंपनियों के नाम पर बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लिए गए धन को डायवर्ट करने के लिए किया जाता है।

  • मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियांमनी लॉन्ड्रिंग में लिप्त व्यक्ति बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से अवैध धन को परिवर्तित करने के लिए कमजोर बैंकिंग नियंत्रण वाले रास्ते तलाशता है.,  मनी लॉन्डरिंग गतिविधि में लिप्त यह व्यक्ति 'बेनामी' (नाम उधार कहा जा सकता है) लेनदेन में प्रवेश करने के रास्ते तलाशता है। व्यापक नकदी प्रबंधन और धन के स्रोत की अपर्याप्त पहचान प्रक्रिया वाली कंपनियां मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों के लिए अतिसंवेदनशील होती हैं.

3 . कर्मचारियों  के द्वारा किया गया परिचालन स्तर पर धोखाधड़ी-

  • चेक से छेड़छाड़- चेक से छेड़छाड़ और भुगतान और गतिविधि के किसी भी डिजिटल मोड में गलत बयानी की ओर जाता है जैसे कि प्राप्तकर्ता का नाम बदल दिया जा रहा है, या चेक तैयार करना या भुगतान के बिना सिस्टम में भुगतान या हकदार प्राप्तकर्ता को चेक जारी करना, आदि, ऐसे तरीके हैं जिससे  खातों में हेराफेरी किया जा सकता है और खातों की गलत स्थिति दर्शाया जा सकता है , जिससे की ऐसी कंपनियों के balance sheet गलत आकड़े दिखाएंगे। 
  • ऑफ बुक फ्रॉड - इसके अंतर्गत  हम अपने बुक्स में CASH का फर्जी लेन देन दिखाते है , और कुछ खर्चो के फर्जी बिलो की प्रविष्टि   की जाती है फिर उसे CASH  भुगतान दिखा कर खाते बंद कर दिए है। 

  • नकद चोरी - यहाँ इसका आशय सिर्फ नकदी के चोरी से ही न होकर बल्कि  खातों में गलत नकद भुगतान की प्रविष्टि भी है। जिसके द्वारा CREDITORS की गलत स्थिति को BALANCE SHEET में दर्शाया जाता है। 

  • टीमिंग और लैडिंग (लैपिंग) नकद जमा टीमिंग एंड लैडिंग (लैपिंग) नकद जमा या ग्राहकों से एकत्र किए गए चेक को बाद के ग्राहकों से संग्रह के साथ ओवरलैप किया जाता है और एकत्र की गई राशि को व्यक्तिगत खाते में बदल दिया जाता है।
  • व्यय प्रतिपूर्ति योजनाओं में ऐसे कर्मचारी शामिल होते हैं जो अपने व्यक्तिगत खर्चों को व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किए गए खर्च के रूप में मानते हैं और प्रतिपूर्ति का दावा करते हैं। ऐसे मामलों के लिए जो चिकित्सा या उपहार खर्च का दावा नहीं किया गया था या कर्मचारी एक ही कैब में एक साथ यात्रा कर रहे थे लेकिन व्यक्तिगत रूप से कई दावों में शामिल थे।

  • वेतन के शीट से सम्बंधित धांधली -  पेरोल धोखाधड़ी में गैर-मौजूद कर्मचारियों को भुगतान या क्लाइंट को बिलिंग करते समय तैनात कर्मचारियों की तुलना में मानव शक्ति संसाधनों को बढ़ाने वाली संविदात्मक व्यवस्था शामिल हो सकती है। इसमें कर्मचारियों/कर्मचारियों आदि को वास्तविक संवितरण से अधिक वेतन दिखाना शामिल हो सकता है।
  • कमीशन सम्बंधित योजनाए - यहाँ भी कम्पनिया पेरोल धोखा धड़ी की तरह ही गैर -मौजूद कर्मचारियों को कमीशन का भुगतान कर सकती है या उच्च कमीशन अर्जित करने के लिए काल्पनिक बिलों के माध्यम से बिक्री को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर सकती  है या कंपनी द्वारा निर्धारित उत्पादों की कीमतों में बदलाव किया जा सकता  है या उच्च कमीशन साझा करने के लिए अन्य कर्मचारियों के साथ प्राप्त बिक्री की मात्रा को साझा किया जाता है। 
इस प्रकार हम देखते है की कंपनी अपने बुक्स की सही स्थिति को छिपा कर और उपरोक्त तरीके से हेर फेर कर कर हमें भ्रामक आकड़े प्रदर्शित करती है  जो की समाज के साथ साथ , देश के साथ भी अनुचित है , हमें इस पर रोक लगाना ही होगा। 

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