एकाउंटिंग फिल्ड मे कैरियर( Accountant kaise bane)

यदि आपकी रुचि कामर्स विषय मे है , और आप इस फील्ड मे कैरियर बनाना चाहते है  , तो यह लेख आपके लिए है। वैसे केरियर के लिहाज से इस क्षेत्र मे अपार संभावना है। 

केरियर के हिसाब से इस फील्ड मे सबसे पहले आता है, एकाउंटेंट बनना ।

Accountant व्यवसाय का वह धूरी होता हैं, जिसपर से गुजर कर व्यवसाय का हर कार्य होता है। 

और यह एक ऐसा कार्य है जिसका कार्य क्षेत्र समस्त विश्व है, आज के समय मे आप घर बैठे दुनिया के किसी भी भाग का एकाउंट्स का कार्य आप कही से भी कर सकते है। 


अकाउंटेंट कैसे बनें: आपके लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका ( How to be an Accountant)

अकाउंटेंट बनना एक चुनौतीपूर्ण लेकिन पुरस्कृत करियर विकल्प हो सकता है। यह भूमिका किसी भी संगठन की रीढ़ मानी जाती है क्योंकि यह वित्तीय स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण होती है।

Accountant व्यवसाय का वह धूरी होता हैं, जिसके यहाँ से गुजर कर व्यवसाय का प्रत्येक कार्य होता है, और वह इन सब का डाटा रखता है, उसका निष्कर्ष निकाल कर, व्यवसाय प्रबंधक के सामने व्यवसाय की वर्तमान स्थिति का विवरण दरशाता है। और उक्त डाटा के आधार पर व्यवसाय के भविष्य का दर्शन भी कराता है।

एकाउंटेंट बनने के लिए आपको कुछ खास योग्यताएं और कौशल हासिल करने होंगे। यहां एक विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया है:

1. एकाउंटेंट के लिए शिक्षा -

 * 12वीं कक्षा: कॉमर्स स्ट्रीम से 12वीं पास होना जरूरी है। हालांकि, अन्य स्ट्रीम से भी आप अकाउंटेंट बन सकते हैं लेकिन आपको कुछ अतिरिक्त कोर्स करने पड़ सकते हैं।

 * स्नातक की डिग्री: कॉमर्स, अकाउंटेंसी, या बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की डिग्री होना बेहतर होता है। यह आपको अकाउंटिंग के बुनियादी सिद्धांतों और अवधारणाओं को समझने में मदद करेगा।

अकाउंटेंट का कार्य

एक अकाउंटेंट वित्तीय लेनदेन का ट्रैक रिकॉर्ड रखता है, वित्तीय विवरण तैयार करता है, और कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन का विश्लेषण करता है। वे यह सुनिश्चित करने के लिए काम करते हैं कि सभी वित्तीय रिकॉर्ड सटीक और अद्यतित हों, और कंपनी के बजट का पालन किया जा रहा हो।

वैसे देखा जाए तो एकाउंटिंग का कार्य अब एक कौशल के रूप मे देखा जाता है, आप के पास डीग्री के साथ कार्य का अनुभव भी होना नितांत आवश्यक है,  यह एक निरन्तर सिखने की प्रकिया है, जो कभी पूर्ण नही होती। 

अकाउंटेंट की जिम्मेदारियां

  • कंपनी के सभी वित्तीय लेनदेन को रिकॉर्ड करना, जैसे कि बिक्री, खरीद, वेतन और कर भुगतान।
  • बैंक स्टेटमेंटों और अन्य वित्तीय दस्तावेजों का मिलान करना।
  • वित्तीय विवरण तैयार करना, जैसे कि आय विवरण, बैलेंस शीट और कैश फ्लो स्टेटमेंट।
  • कर रिटर्न तैयार करना और दाखिल करना।
  • कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन का विश्लेषण करना और प्रबंधन को रिपोर्ट करना।
  • आंतरिक नियंत्रणों को बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना कि कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड धोखाधड़ी से सुरक्षित हैं।
  • बजट तैयार करना और उसकी निगरानी करना।

एकाउंटेंट की कार्य प्रणाली जानने के लिए क्लिक कीजिए-

अकाउंटेंट और एकाउंटेंसी

एकाउंटेंट का कार्य अब काफी विस्तृत हो चुका है, इसलिए समय की मांग के अनुसार अब इसके लिए कई प्रोफेशनल कोर्स भी किये जाते है। 

इसके लिए जो प्रमुख प्रोफेशनल कोर्स है वो निम्न है-

 एक एकाउंटेंट के लिए प्रोफेशनल कोर्स:

   * चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA): 

यह एक बहुत ही प्रतिष्ठित प्रोफेशनल कोर्स है। इसे करने के लिए आपको CA फाउंडेशन, इंटर और फाइनल तीनों लेवल पास करने होते हैं।  सीए कोर्स मुख्य रूप से वित्त, लेखा-परीक्षा और कराधान पर केन्द्रित है। सीए को व्यक्तिगत, व्यावसाय, और संगठन के लिए वित्तीय मामलो का प्रबन्धन और सलाह देने के लिए नियुक्त किया जाता है। इनका मुख्य कार्य वित्तीय प्रबंधन,  लेखा परीक्षा ( Audit) एवं कर परामर्श होता है।

सीए कोर्स के बारे मे ज्पादा जानकारी के लिए निचे दिए गए लिंक पर क्लिक करे-

कैसे बनते हैं - चार्टर्ड एकाउंटेंट

  * कॉस्ट अकाउंटेंट (CMA): 

यह कोर्स उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो लागत लेखांकन में विशेषज्ञ बनना चाहते हैं। CMA एक कम्पनी मे फण्ड का आवंटन से लेकर प्रबन्धन और  व्यवसाय चालन से सम्बंधित निर्णय लेने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। वे उत्पादन की कीमत का निर्धारण करते है  , और बजट तैयार करने मे सहयोग करते है। इस सम्बन्ध मे और अधिक जानकारी लेने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कीजिए-

COST ACCOUNTING


   * कंपनी सचिव (CS) : 

यह कोर्स कॉर्पोरेट मामलों में विशेषज्ञ बनने के लिए किया जाता है। कम्पनी सचिव का कार्य कम्पनी के कुशल प्रशासन और विनियामक और वैधानिक आवस्यकताओ के अनुपालन को सुनिश्चित करने का होता है। ये आन्तरिक सलाहकार के रूप मे कार्य करते है और कम्पनी के और कम्पनी के शेयर धारको के सर्वोच्च हित का ध्यान रखना इनका प्रमुख कार्य है। 

सीएस कम्पनी निगमन, वार्षिक अनुपालन, बोर्ड मिटिंग समन्वय, रिकार्ड रखरखाव जैसे कार्य करते है। 

कम्पनी सचिव बनने के लिए आपको ICSI संस्था के द्वारा आयोजित तीन चरणो की परीक्षा उत्तीर्ण करनी पड़ती है, इससे संबंधित और जानकारी के लिए आप निचे दिए गए लिंक पर क्लिक कीजिए-

कंपनी सचिव



उपरोक्त कोर्स एकाउंटिंग फिल्ड के मुख्य कोर्स है , ये भारतीय संसद के द्वारा अधिकृत सम्मानित संस्थाओ के द्वारा सन्चालित कोर्स है।


उपरोक्त के अतिरिक्त की अन्य कोर्स भी है जिन्हे आप कर सकते है-

1> CPA (Certified Public Accountant)-

CPA बनने के लिए आपको AICPA ( American Institute of Certified Public Accountant) की परीक्षा उत्तीर्ण करनी पड़ती है,  इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के पश्चात आप अन्तरराष्ट्रीय स्तर के एकाउंटेंट बन जाते है दुसरे शब्दो मे कहे तो आप एकाउंटिंग , वित्त और लेखा परीक्षण मे विशेषज्ञ बन जाते है। 

2> CMA ( Cost and Management Accountant)

CMA की डीग्री आपको लागत लेखांकन और प्रबंधन लेखांकन मे विशेषज्ञता प्रदान करता है। यह डिग्री लेने के लिए आपको  IMA (Institute of Management Accountants) द्वारा आयोजित परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। इस कोर्स को करने के बाद आपको लागत नियंत्रण में विशेषज्ञता हाशिल हो जाएगी। 

3> CFP (Certified Financial Planner)

CFP बनने के लिए आपको CFP Board द्वारा आयोजित परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। इस परीक्षा को पास करने के बाद आप वित्तीय योजना और निवेश के क्षेत्र में  विशेषज्ञता हाशिल हो जाएगी। 

4> ACCA (Association of Chartered Certified Accountants):

ACCA एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाणन है जो आपको अकाउंटिंग, वित्त और लेखा परीक्षा में विशेषज्ञता प्रदान करता है। यह CA के समान है, लेकिन यह भारत तक ही सीमित नहीं है। ACCA बनने के लिए आपको ACCA द्वारा आयोजित परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी।

अकाउंटेंट का कार्यक्षेत्र

अकाउंटेंट विभिन्न प्रकार के संगठनों में काम कर सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • निजी कंपनियां
  • सरकारी संस्थान
  • गैर-लाभकारी संगठन
  • लेखा फर्म
  • वित्तीय संस्थान

वे पूर्णकालिक या अंशकालिक रूप से भी काम कर सकते हैं।

अकाउंटेंट की भूमिका-(Accountant Role)

  1. Bookkeeper - दैनिक वित्तीय लेनदेन रिकॉर्ड करता है।
  2. AP Clerk - आपूर्तिकर्ता भुगतान का प्रबंधन करता है (Manages supplier payments)
  3. AR Clerk - ग्राहक द्वारा किये गए भुगतान को एकत्र करता है.
  4. Payroll Specialist - वेतन बनाना और उसकी कटौती करना इसका कार्य है। 
  5. Staff Accountant - जर्नल एंट्री और रिकॉन्सीलेशन का कार्य करता है। 
  6. Tax Accountant - कंपनी के compliance को देखता है , टैक्स रिटर्न तैयार करता है , और टैक्स रिटर्न फाइल करता है। 
  7. Cost Accountant - उत्पादन लागत का विश्लेषण करता है 
  8. Financial Analyst - वित्तीय डेटा के साथ निर्णयों का मार्गदर्शन करता है।
  9. Internal Auditor - आंतरिक नियंत्रण की समीक्षा करता है।
  10. External Auditor - वित्तीय विवरण सटीकता की पुष्टि करता है 
  11. Controller - लेखांकन कार्यों का प्रबंधन करता है 
  12. Treasurer - विदेशी नकदी प्रवाह और निवेश का कार्य देखता है। 
  13. CFO - वित्तीय रणनीति का नेतृत्व करता है।
  14. Forensic Accountant - धोखाधड़ी और विसंगतियों की जांच करता है।
  15. Budget Analyst - बजट और खर्चों पर नज़र रखता है 


एक अकाउंटेंट बनने के लिए आपके पास निम्न कौशल भी होने आवश्यक है -

अकाउंटेंट बनने के लिए आवश्यक कौशल:


 * गणित और संख्यात्मक कौशल

अकाउंटिंग में संख्याओं के साथ काम करना होता है इसलिए आपके पास मजबूत गणितीय कौशल होना जरूरी है।

 * विश्लेषणात्मक कौशल: 

डेटा का विश्लेषण करने और उसका अर्थ निकालने की क्षमता होना जरूरी है।

 * संचार कौशल: 

ग्राहकों और सहकर्मियों के साथ प्रभावी ढंग से संवाद करने की क्षमता होना जरूरी है।

 * कंप्यूटर कौशल: 

MS Excel, Tally, और अन्य अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर का ज्ञान होना जरूरी है।

3. अनुभव:

 * इंटर्नशिप: 

अकाउंटिंग फर्म में इंटर्नशिप करके आप व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।

 * आर्टिकलशिप: 

CA कोर्स करने के दौरान आपको आर्टिकलशिप करनी होती है, जिसमें आप एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ काम करते हैं।

4. अन्य योग्यताएं:

 * धैर्य: अकाउंटिंग में धैर्य और लगन की आवश्यकता होती है।

 * सटीकता: आपको संख्याओं के साथ सटीक होना होगा।

 * समय प्रबंधन: आपको समय का प्रबंधन करना आना चाहिए क्योंकि अकाउंटिंग में समय सीमाएं होती हैं।

एकाउंटेंट बनने के फायदे:

 * अच्छी नौकरी के अवसर: अकाउंटेंट की मांग हमेशा रहती है।

 * अच्छा वेतन: अकाउंटेंट्स को अच्छा वेतन मिलता है।

 * कैरियर ग्रोथ: आप अपने करियर में ऊंचे पदों तक पहुंच सकते हैं।

 * समाज में सम्मान: अकाउंटेंट्स को समाज में सम्मान मिलता है।

कहां से करें पढ़ाई:

 * कॉलेज और विश्वविद्यालय: आप किसी अच्छे कॉलेज या विश्वविद्यालय से कॉमर्स या अकाउंटेंसी में स्नातक की डिग्री कर सकते हैं।

 * प्रोफेशनल संस्थान: आप ICAI, ICWAI, या ICSI जैसे प्रोफेशनल संस्थानों से प्रोफेशनल कोर्स कर सकते हैं।

 * ऑनलाइन कोर्स: आप कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अकाउंटिंग के कोर्स कर सकते हैं। आप Accounting Software जैसे- Tally Prime. SAP, और  Oracle Financial कोर्स भी कर सकते है। इसमे से सबसे लोकप्रिय एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर है- टैली प्राइम  , इसे सीखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करे-

आओ टैली सिखे

अतिरिक्त सुझाव:

 * अपने ज्ञान को अपडेट रखें: अकाउंटिंग के क्षेत्र में लगातार बदलाव होते रहते हैं इसलिए आपको अपने ज्ञान को अपडेट रखना चाहिए।

 * नेटवर्किंग: अन्य अकाउंटेंट्स के साथ नेटवर्किंग करें।

 * अपने कौशल को विकसित करें: नए कौशल सीखते रहें।

अगर आप अकाउंटेंट बनना चाहते हैं तो यह आपके लिए एक अच्छा करियर विकल्प हो सकता है।

Accounting Field में Freelancing -

आज के दौर में एक एकाउंटेंट दो तरीके से अपनी सेवाये देता हैं-
  • पहला तरिका यह है कि एकाउंटेंट एक फर्म या कंपनी मे फुल टाइम अपनी सेवा देता हैं, यह एक परंपरा गत तरीका है, जिसमे उपरोक्त एकाउंटेंट अपने को पूरी तरह उस कंपनी को समर्पित कर देता हैं। इस तरह के कार्य मे एकाउंटेंट को अपने कार्य के अलावा वो भी कार्य करना पड़ता है जो उसे कंपनी करने को कहती है, देखा जाय तो यहाँ पर एकाउंटेंट अपने स्किल के साथ अपने समय को भी अपने सेवा मे शामिल करता है। 
  • दूसरा तरीका है फ्रीलांसिंग का, यह तरीका धीरे- धीरे लोक प्रिय होता जा रहा है। फ्रीलांसिंग मे एकाउंटेंट अपने कार्य को एक प्रोजेक्ट के रूप मे लेते है, और अपनी सैलरी भी प्रोजेक्ट के अनुसार लेते है। जैसे- जैसे नई- नई टेक्नोलॉजी आ रही हैं, और इंटरनेट का विस्तार हो रहा है वैसे- वैसे फ्रीलांसिंग मे नित नये अवसर पैदा हो रहे हैं। आज भारत मे Freelancing, Upwork, Fiverr जैसे वेबसाइट दिन दूंनी रात चौगनी की रफ्तार से लोकप्रिय हो रही हैं, और हो भी क्यो नहीं इन सभी वेबसाइट के आने के बाद भारतीय एकाउंटेंट अब अमेरिका की कंपनियों के लिए काम करते है। अमेरिका ही नही अब पूरी दुनिया के लिए काम कर रहे है, और अब अपनी सैलरी डॉलर मे लेते है। वो भी घंटो के हिसाब से काम कर के। 
इस तरह एक एकाउंटेंट आज लाखों रुपये की सैलरी लेता है वो भी अपने पसंद के समय के साथ। 
आप फ्रीलांसिंग के बारे मे और जानकारी के लिए पिछला लेख पढ़ सकते है- 
फ्रीलांसर कैसे बने



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