टैली कैसे सीखे (Tally kaise sikhey)

टैली कैसे सीखे ( Tally kaise sikhey ) का अभिप्राय टैली सॉफ्टवेयर पर एकाउंटिंग कैसे करे है। आज के दौर में टैली सॉफ्टवेयर एकाउंटिंग का अभिप्राय बन गया है , उसका कारण है टैली का दोहरी लेखा प्रणाली पर आधारित होना।
हम जब स्कुल में या कालेज में एकाउंटिंग सीखते है , तो हमें पढ़ाया जाता है कि लेखा शास्त्र दोहरी लेखा प्रणाली पर आधारित है , और सभी व्यव्हार के दो पहलू होते है , उनमे से एक व्यव्हार को हम डेबिट भाग में लिखते है और दूसरे को क्रेडिट भाग में , और कुछ प्रोसेस के बाद हमारी समस्त अक्कोउटिंग एंर्टी पूर्ण हो जाती है। टैली सॉफ्टवेयर में भी हम इसी सिद्धांत का पालन करते है।
और चुकि इन समस्त प्रक्रियाओं को हम स्कूल या कॉलेज में पढ़ चुके होते है , इसलिए टैली पर एकाउंटिंग करना हमें व्याहारिक लगता है।

Tally Prime


Tally का पूरा नाम है - Tally Solutions Enterprises Resources Planning Company , और यह करीब तीन दशक पुराना एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर है , और इन तीन दशकों में अपने आप में सुधार करते हुए अब यह एक ERP Software बन गया है , ERP का मतलब Enterprise Resource Planning है , अर्थार्थ एक व्यापारी को अपने व्यवसाय को करने के लिए जिस भी सॉफ्टवेयर की जरुरत होती है वह सभी कार्य अकेले टैली सॉफ्टवेयर कर सकता है। और यही इसकी विशेषता है।

वैसे आपको Tally kaise sikhey- विषय पर इंटरनेट पर काफी सामग्री मिल जाएगी , और मैंने इस लेख को लिखने के पहले उन सभी का अध्ययन भी किया है , मैंने देखा की उन सभी में टैली सॉफ्टवेयर की जानकारी के साथ ही थोड़ा बहुत एकाउंटिंग की भी जानकारी दी हुई है , लेकीन उन जानकारियों से आप टैली के बारे में तो जान जायेंगे लेकीन एक अकाउंटेंट बन कर किसी बड़ी कंपनी में काम नहीं कर पाएंगे , क्योकि अब हर जगह जीऐसटी , टीडीएस के साथ एंट्री करना जरुरी है , जिसका उन सभी लेखो में आपको अभाव मिलेगा । आपको इस लेख में एकाउंटिंग की पूर्ण जानकारी दी जाएगी , और आपके समस्त जिज्ञासाओं का समाधान किया जायेगा । 

टैली कैसे सीखे (tally-kaise-sikhey)

Tally का इतिहास-

किसी भी विषय के अध्ययन की शुरुआत हम उस के इतिहास की जानकारी के साथ करते है, इसलिए हम टैली के इतिहास की जानकारी प्राप्त करने के लिए चलते है, प्रथम अध्याय की ओर,  और क्लिक करते है- टैली का इतिहास। 

मुझे विश्वास है की आपने टैली के अब तक के सफर को "टैली का इतिहास" में अच्छी तरह से पढ़ा और ज्ञानार्जन किया , इस अध्याय में हमने जाना की कैसे टैली ने अपना अब तक का सफर एक एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर से शुरू कर के एक ERP Software तक का  पूरा किया है और यह सफर अभी भी निरंतर जारी है , अपने आप को Upgrade करते जाना और और अधिक सुविधाओं को अपने कस्टमर्स को पहुँचाना ही टैली का मकशद है । आज आपके आस - पास अनगिनत एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर और ERP सॉफ्टवेयर मौजूद है , लेकिन टैली की कुछ अलग ही विशेषता है , जो इसे अन्य सॉफ्टवेयर से अलग बनती है , अब अगले सफर में पढ़े - टैली की विशेषता । टैली क्या है ?

Tally की विशेषता-

टैली के इतिहास की जानकारी के पश्चात हमे यह जानकारी भी जरूरी है, आखिर जिस विषय का हम अध्ययन करने जा रहे है, हमे उसका अध्ययन क्यो करना चाहिए,  आखिर उसकी विशेषता क्या है ? तो हम चलते है, दिर्तीय अध्याय की ओर,  और पढने के लिए क्लिक कीजिए - टैली की विशेषता 

आपने अभी तक टैली के विकाश की कहानी पढ़ी साथ ही आपने जाना की टैली में ऐसी क्या विशेषता है , जिसके कारण हमें टैली सीखना चाहिए ।अब हम अपने सफर " टैली कैसे सीखे " को आगे बढ़ाते है , और जानते है की टैली से एकाउंटिंग कैसे करे , इसके लिए आप अगले अध्याय - टैली ईआरपी के साथ लेखांकन – (Accounting With Tally ERP) पर क्लिक करे , और जाने की टैली में एकाउंटिंग करना कितना आसान है , 

Accounting with Tally 

अब इस अध्याय मे हम जानेगे कि टैली मे Accounting कैसे की जाती है, चुकि टैली मे एकाउंटिंग दोहरा लेखा पद्धति पर आधारित है, इसलिए हम इस Software मे आसानी से एकाउंटिंग कर पाते है, आगे इसे विस्तार से पढने के लिए क्लिक कीजिए- टैली के साथ एकाउंटिंग 

आपने उपरोक्त लेख में टैली सॉफ्टवेयर पर एकाउंटिंग कैसे करते है उसकी पूरी जानकारी पढ़ी । उम्म्मीद है उपरोक्त लेख आप के आकांछाओ पर खरा उतरा होगा , यदि कुछ की जरुरत आप को लगता है तो आप मुझे कमेंट कर के बता सकते है ।लेकिन जैसा की हमने अभी पढ़ा है की टैली सिर्फ एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर नहीं है , यह एक ERP Software है , इसलिए हमें एकाउंटिंग के साथ ही वैधानिक आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी खता बही को रखने की आवश्यकता है । हमें Tax Compliance को ध्यान देते हुए एकाउंटिंग करनी पड़ेगी , और इसके लिए हमें टीडीएस , जी यस टी , इनकम टैक्स , पी एफ, इऐसआई का ज्ञान होना जरुरी है ।तो अपने टैली कैसे सीखे ( Tally kaise sikhey ) के सफर को आगे बढ़ाते हुए , हम पहले देखते है की ये  Tax कंप्लायंस क्या है , और इसके अंतर्गत आने वाले टीडीएस , जी यस टी , इनकम टैक्स , पी एफ, इऐसआई को जानते है ।सबसे पहले देखते है - TDS के बारे मे संपूर्ण जानकारी

आज के Accounting में आपको प्रत्येक Entry पर यह ध्यान रखना है, कि बिल पर जीएसटी लगा है या नही , यदि लगा है तो उसकी क्रेडिट लेनी है अथवा नही । लेनी है तो उसका उपयुक्त लेजर की इन्ट्री करनी है। यदि किसी वाउचर मे टीडीएस काट कर इन्ट्री करनी है , तब तदनुरुप उसकी भी इन्ट्री करनी होगी। 

टैली में टीडीएस की कटौती कैसे करे ?

टैली में टीडीएस की कटौती करने के दो रास्ते है , पहला खर्चे के वाउचर के साथ ही टीडीएस की कटौती कर ले , और दूसरा माह समाप्त होने के पश्चात पुरे महीने की एक साथ एक अलग वाउचर में एंट्री कर लेवे ।1- खर्चे के वाउचर के साथ ही टीडीएस की कटौती-इसके लिए हम पार्टी के Ledger में Statutory Details के अंतर्गत दिए हुए - Deduct TDS in same voucher को यस कर देंगे , फिर जैसे ही उपरोक्त पार्टी का लेजर वाउचर में डालेंगे , टैली उसकी वैल्यू टीडीएस का अमाउंट घटा कर दिखायेगा , आपको पार्टी के खाते की एंट्री के बाद टीडीएस के कहते की एंट्री कर के उपरोक्त वाउचर को क्लोज करना है ।2- माह समाप्त होने पर टीडीएस की कटौती -आप माह की समाप्ति पर नए वाउचर बनाने के लिए वाउचर पर क्लिक करे । F7 दबा कर Journal Voucher को Select करे । फिर Ctrl+F दबाये । अब एक नया विंडो ओपन होगा । इसको निम्न तरीके से भरे - 

  • Type of Transaction - TDS Decuction
  • Till Date - Last date of Month
  • Party - जिसका टीडीएस कटौती करना है उस पार्टी का नाम
  • Nature Of Payment - TDS Ledger
  • Duty Ledger - TDS Duty Ledger
अब जैसे ही हम "Enter" दबाएंगे , हमारे वाउचर में टीडीएस की सभी पेंडिंग एंट्रीज आ जाएगी । इसको "SAVE" कर ले , अब आपकी टीडीएस डिडक्शन की एंट्री पूरी हो गयी । आप इसे पार्टी के "Ledger" से "Recheck" कर ले , देखा ! है न काफी आसान ।

Tally मे GST की Entry

आज कल हम जो भी वस्तु या सेवा खरीदते है उस का भुगतान हमें  "GST" कर को सम्मिलित करते हुए करना पड़ता है , और यदि हम कोई वस्तु या सेवा की बिक्री करते है तो भी हमें "GST" को शामिल करते हुए उसका भुगतान लेना पड़ता है , कहने का तात्पर्य यह है की आज व्यापार की हर लेनदेन पर हमें "GST Tax" के नियमो का ध्यान रखना पड़ता है , और उसकी एकाउंटिंग एंट्री भी उसके नियमो के अंतर्गत ही करना पड़ता है ।दोस्तों , दिनांक 01 जुलाई 2017 में जब "GST" भारत में लांच हुआ था , तब "Tally" ने सबसे पहले "GST Integrated" सॉफ्टवेयर सबके सामने लाकर सबको आश्चर्यचकित कर दिया था , इसके बाद तो टैली की "Popularity" और भी अधिक बढ़ गयी थी ।  "Tally" आपको "GST" से सम्बंधित सम्पूर्ण समाधान प्रस्तुत करती है , आप जब "Purchase" या "Sale" के वाउचर बनाते है तब टैली "GST" की "Calculation" अपने आप करता है , इसके द्वारा आप "GST" के सभी "Return" आराम से "File" कर सकते है , आइये एक नजर दौड़ाये , "GST" से सम्बंधित "Lesson" पर - 

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